Friday, 17 September, 2021

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इंश्योरेंस के नाम पर 35 लाख की धोखाधड़ी:ऑनलाइन पॉलिसी करने और उस पर लोन का झांसा देने वाले UP के 2 लोग हिसार पुलिस ने पकड़े; रिजर्व बैंक और IRDAI के फर्जी कागजात भेजकर लेते थे झांसे में

हिसार साइबर थाने की पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी और लोन दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी का है। पुलिस के मुताबिक यूपी से गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी झांसा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैक की फर्जी रसीद और भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के फर्जी दस्तावेज अपने लैपटॉप से तैयार करके भेज देते थे।

आरोपियों की पहचान NOIDA के सेक्टर-56 वासी छोटेलाल और अनुमेंद्र प्रताप पचौरी के रूप में हुई है। इस मामले में फतेहाबाद के हसंगा वासी बैंक कर्मचारी छबीला राम ने 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करवाया था। दोनों आरोपियों व उनकी गैंग ने पहले छबीला राम की छह लाख रुपए की बीमा पॉलिसी की व फिर उस पॉलिसी पर मोटा लोन दिलवाने का झांसा देकर 35 लाख रुपए ठग लिए थे।

वारदात करने का तरीका
आरोपी छोटे लाल ने बतलाया कि उसने NET AMBIT कम्पनी सैक्टर 132 नोएडा में कॉल सेंटर में नौकरी की है। यह कम्पनी सभी बीमा कम्पनियों का बीमा करवाती थी। वहां से उसके दिमाग में आया कि यहां से जानकारी लेकर गलत तरीके से लोगों का बीमा पॉलिसी पर लोन करवाने लालच देकर झुठ बोलकर उनसें पैसे हड़पकर ज्यादा पैसा कमाये जा सकते हैं। उसने अपने साथी अनुमेन्द्र प्रताप पचौरी के साथ मिलकर मार्च 2019 में आनलाइन वेबसाइट 99.com से लोगो की बीमा पॉलिसी का डाटा लेकर लोगों के मोबाइल पर फर्जी नाम बताकर फोन करके उनकी बीमा पॉलिसी की जानकारी लेते थे।

उस पॉलिसी पर ज्यादा लोन करवाने का लालच देकर उनसे पैसे हड़पते थे। वे इंश्योरेंस कम्पनी के ही कर्मचारी है यह यकीन दिलाने के लिए लोगो के पास मोबाइल फोन पर वॉट्सऐप के माध्यम से IGMS विभाग के मैनेजर के फर्जी ID कार्ड और भारतीय रिजर्व बैक की फर्जी रसीद व भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के फर्जी दस्तावेज अपने लैपटाप से तैयार करके भेज देते थे।

आरोपियों से होगी पूछताछ
दोनों आरोपियों को थाना साइबर क्राइम की टीम द्वारा कोर्ट में पेश करके तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। इस रिमाण्ड अवधि के दौरान आरोपियान से गहन पूछताछ करके अन्य आरोपियों के बारे में पता लगाना है व अब तक आरोपियों द्वारा कितने और लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया तथा जो बैंक खातों के ATM प्रयोग किए गए मोबाइल फोन व सिम, फर्जी सरकारी कागजात तैयार करने वाले लैपटॉप व शिकायतकर्ता से हड़पी गई राशी फिरोजाबाद ,कानपुर और NOIDA से बरामद करनी है तथा सहयोगियों को गिरफ्तार करना है।

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