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केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि…


केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने कोविशील्ड के लिए 7 व कोवैक्सीन के लिए 5 कंपनियों को वैक्सीन उत्पादन के लिए मंजूरी दे दी है, इससे अब 50 करोड़ वैक्सीन का उत्पादन होगा तथा अक्टूबर तक देश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले केवल 2 कंपनियां ही वैक्सीन तैयार कर रही थीं।
केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह आज वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से रेवाड़ी जिला में कोविड संक्रमण को लेकर किए जा रहे आवश्यक प्रबंधों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना महामारी के साथ-साथ ब्लैक फंगस के उपचार के लिए भी आवश्यक कदम उठाएं जाएं।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आक्सीजन के भंडार के लिए व्यवस्था की जाएं ताकि आक्सीजन का स्टोर किया जा सकें। केन्द्रीय मंत्री ने कोसली के विधायक श्री लक्ष्मण सिंह यादव की मांग पर कोसली नागरिक अस्पताल के लिए इंसाफ मंच की तरफ से एक एम्बुलैंस देने की घोषणा भी की। उन्होंने रेवाड़ी में वेंटिलेटर चलाने व पैरा मैडिकल स्टॉफ के लिए नल्हड़ मैडिकल कॉलेज के फाईनल ईयर के विद्यार्थियों को लगाने के लिए कहा ताकि स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी न रहे।
सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल ने बताया कि मेडिकल स्टॉफ की पूर्ति के लिए सीएमओ प्रपोजल बनाकर दें ताकि आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्टॉफ लगाकर पूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि उपलब्ध राशि का सदुपयोग लोगों के स्वास्थ्य के लिए करें, इससे बाईपैप या जिस उपकरण की जरूरत हो खरीदे जाएं। वैक्सीन लगवाने के स्लॉट के बारे में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की गई है तथा अब वैक्सीन लगवाने के लिए स्लॉट नजदीक की पीएचसी या सीएचसी में मिलने लगेगा।
रोहतक सांसद डॉ अरविंद शर्मा ने सीएचसी, पीएचसी लेवल पर भी ऑक्सीजन कन्संट्रेटर लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के कार्य में नजर रखें ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने नागरिक अस्पताल कोसली के लिए एक एम्बुलैंस देने की घोषणा भी की। विधायक रेवाड़ी श्री चिरंजीव राव ने कहा कि वैक्सीन की दूसरी डोज सही समय पर लग जाएं, ऐसी व्यवस्था की जाएं।
वीसी में बताया गया कि रेवाड़ी जिला में ऑक्सीजन की मात्रा 3एमटी से बढ़ाकर 10एमटी हो गई है तथा जिला में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए जो आईसीएमआर की गाईडलाइन है उसका अनुसरण किया जा रहा है।


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