in

गीता फोगाट, भारतीय महिला कुस्ती गौरव

हरियाणा कुश्ती के लिए बेहद जाना जाता है व यहां के काफी लोगो ने कुस्ती को लेकर अपना और देश का नाम रोशन किया है। अब बात करे यदि गीता फोगाट की तो वह भारतीय महिला कुस्ती खिलाड़ियों में से एक है। इसमें कोई शक नहीं की गीता फोगाट भारत देश का एक जाना माना नाम है। तो, आज इस लेख में  हम बात करने जा रहे हरियाणा की महिला कुस्ती पहलवान गीता फोगाट के बारे में। उम्मीद करते है यह लेख आपको अच्छा लगेगा।

1. जीवन परिचय

गीता फोगाट भारतीय महिला कुश्ती पहलवान है व इनका जन्म  15 दिसम्बर 1988 को भारत  के भिवानी जिले के छोटे से गावं बलाली हरियाणा में हुआ था। इनका जन्म एक जाट परिवार में हुआ था व उनके पिता का नाम महावीर सिंह फोगाट है, जो हरियाणा के जाने-माने पहलवान है, जो अपने पिता से विरासत में मिले पहलवानी को आगे बढ़ा रहे है। इसके साथ ही उनकी माँ दया कौर एक हाउसवाइफ है। इसके साथ ही गीता फोगाट अपने बहनों में सबसे बड़ी है।

गीता फोगाट का शरुआती जीवन काफी संघर्षो से भरा है व जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी कैसे रास्ते बनाये जाते है इसका अच्छा उदहारण गीता फोगाट है। उन्होंने लड़का लडकियों के बीच हो रहे भेदभाव को मिटाने की कोशिश करते हुए पहलवानी के क्षेत्र को चुना और उसमे अच्छा मुकाम बनाया। उन्होंने छोटे उम्र से ही उन्हें पहलवानी के दाव पेंच सिखाने लगे और अच्छी तरह वो पहलवानी में प्रशिक्षित हो इसलिए उनके पिता ने उसका स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ़ इण्डिया में दाखिल करा दिया।

2. गीता फोगाट की शिक्षा

गीता फोगाट के लिए सब कुछ कुश्ती ही था पर बात करे उनकी शिक्षा की तो उनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा भिवानी में ही हुई। जिसके बाद कॉलेज की पढाई उन्होंने एमडीयु रोहतक हरियाणा से की। पहलवानी की वजह से उनके पास समय नहीं बचता था और ना ही शरीर साथ देता था वो पहलवानी से थक जाती थी, जिससे उनकी पढाई पर भी असर पड़ता था.

3. गीता फोगाट के करियर की शुरुआत

भारतीय महिला पहलवान गीता फोगट ने ज़माने को झूठा साबित करते हुए दिखा दिया कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है। बात करे इनके करियर की तो इन्होने अपने करियर की शुरुआत 2009 में कॉमनवेल्थ पहलवानी चैम्पियनशिप से की थी, जो की  पंजाब के जालंधर में 19 से 21 दिसम्बर 2009 के बीच हुई थी व यहां उन्होने जीत हासिल कर आगे का सफर तय कर लिया था।

अर्थात, प्रतियोगिता में उनके करियर की शुरुआत स्वर्ण जीत के साथ हुई जो कि अब तक जारी है। इसी के साथ वह भारतीय महिला पहलवान बन गई थी व उनकी जीत का सिलसिला चलता रहा। इसके अलावा गीता ने नेताजी सुभाष चन्द्र नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पोर्ट्स जो की पटियाला में है उसके कोच ओ पी यादव से ट्रेनिंग ली.

4. गीता फोगाट का विवाह

उन्होंने 20 नवम्बर 2016 को पवन कुमार नामक पहलवान से शादी की है, जो की उम्र में उनसे पांच साल छोटे है।  वो दिल्ली के पहलवान है। इनकी शादी में 5000 से ज्यादा लोगों ने शिरकत की थी। जिसमे बड़े बड़े नेता से लेकर कुश्ती और फिल्मों से भी जुड़े लोग आये थे व उनकी शादी में आमिर खान भी आये थे।

5. गीता फोगाट द्वारा जीते गए पदक

गीता फोगाट ने पहलवानी को लेकर काफी पदक जीते है। 2009 का राष्ट्रमंडल कुश्ती चैम्पियनशिप, जिसमे 55 किलो ग्राम भार के पहलवानी में स्वर्ण पदक जीती। इसके बाद 2010 में राष्ट्रमंडल खेल जो दिल्ली में आयोजित हुआ था, उसमे उन्होंने 55 किलो ग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था. 2011 में राष्ट्रमंडल कुश्ती चैम्पियनशिप हुई थी, जोकि लन्दन के मेलबर्न में हुई थी। इसमें गीता ने 56 किलो ग्राम वर्ग की प्रतियोगता में स्वर्ण पदक जीता था।

2012 में विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप के 55 किलो ग्राम भार वर्ग में कास्य पदक जीता था व इसी साल गीता ने एफआईएलए (फिला एशियन ओलम्पिक क्वालिफिकेसन टूर्नामेट) में स्वर्ण पदक जीता और यह प्रतियोगिता 55 किलो ग्राम भार वर्ग की थी, जिसको अस्ताना में आयोजित किया गया था। 

इसके साथ ही 2012 में ही गुमी में एशियन चैम्पियनशिप प्रतियोगिता जोकि 55 किलो ग्राम के भार वर्ग की थी में कास्य पदक जीता था। 2013 में राष्ट्रमंडल पहलवानी चैम्पियनशिप खेलों में रजत पदक जीता था। इसमें गीता ने 59 किलो ग्राम भार वर्ग के प्रतियोगिता में भाग लिया था।  इसके अलावा भी उन्होंने काफी पदक जीते है।

This post was created with our nice and easy submission form. Create your post!

What do you think?