Friday, 17 September, 2021

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नगर निगम की बकाएदारों से वसूली कार्य योजना तैयार:500 डिफाल्टरों की सूची में 20 बड़े बकाएदार भी शामिल, साढ़े 10 करोड़ प्राॅपर्टी टैक्स बकाया

नगर निगम की ओर से संपत्ति कर के 500 डिफाल्टर की सूची से लगभग 19 करोड़ रुपए टैक्स वसूल किया जाना है। इसमें अकेले 20 ऐसे बकाएदार हैं, जिन पर साढ़े 10 करोड़ रुपए प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, जबकि कोरोना काल में बजट की कमी के चलते शहर के विकास से जुड़ी योजनाओं की रफ्तार ठप है। मुख्य सड़कों के अलावा मोहल्लों व कॉलोनियों की सड़कों व टूटी पड़ी गलियों के गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे। हर बार की नगर निगम की सामान्य बैठक में पार्षदों की ओर से ग्रांट के अभाव में वार्डों में काम नहीं होने का मुद्दा उठाया जाता रहा है।

उधर, प्रदेश सरकार ने भी खुद की आय बढ़ाने के नगर निगम को निर्देश दिए हैं। लिहाजा, चालू वित्तीय वर्ष में टैक्स मद से निर्धारित आय के मद्देनजर इस बार बकाएदारों से शत-प्रतिशत टैक्स वसूली की कार्य योजना तैयार की गई है। रविवार तक करीब 260 लोगों को निगम एक्ट के सेक्शन-130 के जरिए नोटिस भी भेजे जा चुके हैं, जिसमें 7 दिन के अंदर संपत्ति कर जमा नहीं कराने पर संबंधित प्रॉपर्टी को सील किए जाने की चेतावनी दी गई है। साथ ही निगम के टैक्स ब्रांच के फील्ड स्टाफ की टीम बनाई गई है। जो जरूरत के मुताबिक हर वार्ड में बड़े बकाएदारों तक पहुंचकर संपत्ति कर का बिल पहुंचा रही है। साथ ही समय से टैक्स अदायगी नहीं होने पर तय कार्रवाई से भी अवगत कराती है।

चार बार नोटिस के बाद भी नहीं चेत रहे डिफाल्टर : पिछले साल कोराेना महामारी के चलते नगर निगम की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का कार्य बाधित रहा, लेकिन इस बार कोरोना की दूसरी लहर जाने के बाद से ही निगम की टैक्स ब्रांच पर टैक्स वसूली का दबाव रहा। लिहाजा, रेजिडेंशियल व काॅमर्शियल सहित सभी प्रकार के बकाएदाराें को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई। अब तक 4 चार नोटिस डिफाल्टरों को भेजे जा चुके हैं। फिर भी उनकी ओर से टैक्स अदायगी में कोई दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। ऐसे में इस बार सेक्शन-130 के जरिए अंतिम नोटिस दिए जा रहे हैं। लाखों रुपए संपत्ति कर के बकाएदार सरकारी विभाग भी इस बार नगर निगम की रडार पर है। नगर निगम कमिश्नर के निर्देश पर उनके विभाग प्रमुखों के अलावा उनके चंडीगढ़ मुख्यालय को भी रिमाइंडर लेटर भेजा गया है।

टैक्स वसूली में चूक बर्दाश्त नहीं करेंगे
कोरोना महामारी के चलते प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का कार्य पिछले वर्ष बेहद ढीला रहा है, लेकिन इस बार किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बाबत निगम की टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शत-प्रतिशत वसूली के लिए अभियान चलाएं। साथ ही टैक्स जमा कराने में आनाकानी करने वालों के खिलाफ निगम एक्ट के जरिए त्वरित कार्रवाई करें। क्योंकि बजट के अभाव में नगर निगम के सभी वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पा रही है।- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम।

टैक्स जमा नहीं होने पर एफआईआर होगी
प्रॉपर्टी टैक्स के सभी बकाएदारों को तीन बार तक नोटिस दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी लोग समय से टैक्स जमा नहीं करवा रहे, जबकि एकमुश्त टैक्स जमा करने पर सरकार की ओर से मिल रही छूट का भी फायदा उनको मिलेगा। पहले चरण में 500 बड़े डिफाल्टर की सूची तैयार करके उनको नोटिस भेजे जा रहे हैं। अबकी बार टैक्स जमा नहीं कराने पर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।– जगदीश चंद्र शर्मा, जेडटीओ, नगर निगम।

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