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पानीपत के पहले युद्ध से जुड़ी कुछ रोचक बातें, आपको जरूर जाननी चाहिए

भारत में विभिन्न राज्य है व आप विभिन्न राज्य से जुड़े विभिन्न प्रकार के इतिहास देख सकते हैं। पर यदि बात करें हरियाणा की तो यह भारत का एक काफी चर्चित राज्य है। हरियाणा ने भारत को काफी अच्छे खिलाड़ियों के साथ साथ इतिहास कि एक लम्बी किताब दी है।

सरल शब्दों में कहें तो हरियाणा न केवल अपने खेल, खान पान, संस्कृति के लिए मशहूर है बल्कि हरियाणा में हुए युद्ध किसी से भी छिपे हुए नहीं हैं। हरियाणा भारत के सबसे खास राज्यो में से एक है, जिसे आपको जरूर अपने जीवन में एक बार देखना चाहिए।

आज हम इस लेख में बात करने जा रहे है पानीपत में हुए पहले युद्ध के बारे में। पानीपत में हुई लड़ाइयों के बारे में देश के बच्चे बच्चे जानते है। पर आज इस लेख में हम बात करने जा रहे है पानीपत के पहले युद्ध कि। उम्मीद है यह लेख आपको अच्छा लगेगा।

#1 पहला युद्ध

वैसे तो हरियाणा में काफी ऐसी जगह है जहां पर युद्ध हुए हैं परंतु बात करें यदि पानीपत कि तो यह भूमि भी युद्ध के नाम से काफी जानी जाती है। बात करें यदि इस बिंदु की तो पानीपत का पहला युद्ध बाबर की सेना और इब्राहिम लोदी की सेना के बीच में हुआ था। 

जो कि वाकई एक काफी रोचक मुकाबला रहा था। जंग का वह क्षेत्र अब हरियाणा के पानीपत नाम से जाना जाता है व यहां पर आप आज भी युद्ध से जुड़ी काफी ऐतिहासिक चीजें देख सकते हैं।

#2 मुगल युग की शुरुआत पहले युद्ध का परिणाम

इस बात से कोई वंचित नहीं है कि पुराने समय में राजा महाराजाओं के बीच काफी बड़े-बड़े युद्ध हुए हैं और यदि बात करें पानीपत के पहले युद्ध की तो यह युद्ध भी काफी रोचक रहा था। बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच हुआ यह युद्ध एक कड़ा मुकाबला था और इस जंग के नतीजे ने मुगल युग की शुरुआत की थी। 

इसके साथ ही लोदी का वंश खत्म हो गया था। जी हां, यही से इतिहास में मुगल युग की शुरुआत हुई थी जो काफी आगे तक चला था।

#3 तुलुगमा व अराबा

भारत देश के हर राज्य की जमीन किसी ना किसी इतिहास से भरी हुई है और यदि बात करें हरियाणा की तो हरियाणा में काफी ऐसे ऐतिहासिक बातें देखने को मिलती है जो वाकई में जानने लायक है। अब बात करें पानीपत के युद्ध से जुड़ी अन्य खास बात कि तो हम नाम ले सकते है तुलुगमा व अराबा का।

जी हां, इस युद्ध के दौरान बाबर ने इस जंग में दो नई चीजे इस्तेमाल की थी, जिन में पहली तुलुगमा थी। तुलुगमा के अंदर सैनिकों को रणनीति के हिसाब से खड़ा किया जाता था, वहीं दूसरी ओर यदि बात करें अराबा की तो इसमें सैनिकों को बचाने के लिए खास तरह की ढाल का इस्तेमाल होता था। बेशक, यह उस वक़्त के लिए एक नई नीति थी।

#4 इब्राहिम लोदी व उनके सैनिक

इतिहास के पन्नों में युद्ध एक आम सी बात लगती है और जैसा कि आप जानते हैं हर मुकाबले में कोई न कोई विजय होता है और किसी न किसी को पराजय का सामना करना पड़ता है। इसी प्रकार यदि बात करें पानीपत की पहली लड़ाई की तो इसमें इब्राहिम लोदी और उनके 15000 सैनिक मारे गए थे व बाबर ने विजय प्राप्त कर मगुल युग की शुरुआत की थी।

#5 ताकत व सैनिक

पानीपत का पहला युद्ध वाकई एक यादगार युद्ध माना जाता है व जब बात हरियाणा की भूमि के लिए आती है तो आज भी इस युद्ध का जिक्र काफी ऊपर रहता है। बात करे यदि पानीपत के युद्ध में मुगलों की ताकतों की तो मुगलों की ताकत 12- 15 हजार सैनिक और फील्ड आर्टिलरी थी। जबकि, बाबर की सेना ने इब्राहिम लोदी के एक लाख से ज्यादा सैनिकों को हराया था।

हरियाणा के इतिहास में आज भी इस युद्ध को काफी याद किया जाता है।

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