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पढ़िए हरियाणा सिवानी के, अरविन्द केजरीवाल के जीवन से जुडी कुछ अहम बाते

हरियाणा राज्य एक बहुत ही विविध व चर्चित राज्य है। यहां पर आप खेलकूद से लेकर कलाकारों तक एक लंबी सूची पा सकते हैं और देख सकते हैं कि यहां पर काफी महान लोग बसते हैं। सरल शब्दों में कहे तो हरियाणा में ऐसी कई जानी-मानी हस्तियां है, जिन्होंने हरियाणा का नाम ऊपर किया है।

यदि हम बात करें अरविंद केजरीवाल की तो सब ने उनका नाम सुना होगा। अरविंद केजरीवाल हाल में दिल्ली के मुख्यमंत्री है। आज हम इस लेख में हम बात करने जा रहे हैं, उनके जीवन से जुड़े कुछ अहम बातो की। अब यदि आप भी उनके बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो आपको चलना चाहिए इस लेख के साथ।

1. प्रारंभिक जीवन

अरविंद केजरीवाल पूरे भारत देश में एक जाना माना नाम है व यह दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। बात करें यदि अरविंद केजरीवाल के जन्म की तो उनका जन्म 16 अगस्त 1968 को हरियाणा के सिवानी के शहर में हुआ था। इनके पिता जी का नाम गोविंद राम केजरीवाल है वहीं की माता का नाम गीता देवी है। यह अपने भाई बहनों में सबसे बड़े हैं वह इनकी जीवन साथी का नाम सुनीता केजरीवाल है।

अरविंद केजरीवाल के दो बच्चे भी हैं जिनका नाम पुलकित व हर्षिता है। अरविंद केजरीवाल के पिता एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है व यह कहने में कोई संदेह नहीं है कि उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। वही उनका अधिकांश बचपन उत्तर भारत के शहर सोनीपत, गाजियाबाद, हिसार, आदि में ही गुजरा है। राजनीति के मार्ग पर उन्होंने काफी सफलता हासिल की है.

2. शिक्षा

 जहां राजनैतिक चुनाव में अरविंद केजरीवाल ने अच्छी जीत हासिल की है वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने काफी सफलता प्राप्त की है। बात करें यदि इनकी शुरुआती शिक्षा की तो यह बचपन में हिसार में स्थित कैंपस स्कूल और इसके बाद सोनीपत में स्थित क्रिश्चियन मिशनरी स्कूल के छात्र रहे हैं।

वहीं यदि बात करें इनकी स्नातक की तो उन्होंने स्कूल के बाद खड़कपुर आईआईटी में दाखिला लिया व यहां से इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग या यूपीएससी की भी तैयारी की और इसमें सफलता हासिल की।

जिसके दौरान यह आईआरएस अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए। वाकई उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सफलता हासिल की है।

3. अरविंद केजरीवाल का करियर

अरविंद केजरीवाल ने काफी सफलता हासिल की है, चाहे वह शिक्षण संस्थान हो या राजनीतिक स्थल वह काफी जाने जाते हैं। राजनीति से हटकर यदि बात करे उनके कैरियर की तो आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद इन्होंने सन 1989 में टाटा स्टील में अपना करियर शुरू किया। जिसके दौरान इनकी पोस्टिंग जमशेदपुर में की गई।

यहां 3 साल कार्य करने के बाद उन्होंने 1972 में इस्तीफा दे सिविल सर्विस की तैयारी की और सिविल सर्विस की परीक्षा में सफलता प्राप्त की। जिसके बाद से यह भारत सरकार के अधीन काम करने लगे और यहीं से हम कह सकते हैं कि इनकी राजनीति की यात्रा शुरू हुई। अरविंद केजरीवाल ने अन्ना हजारे को देखते हुए राजनीति में अपना पैर जमाया। 

सीधे शब्दों में कहें तो अन्ना हजारे का कहना था कि राजनीति एक कीचड़ है व इस में उतरने वाले लोग भी गंदे हो जाते हैं। वहीं अरविंद केजरीवाल का कहना था कि इस कीचड़ को साफ करना भी हम देशवासियों का कर्तव्य है। इसके साथ ही उनका कहना था कि जब वह आईआरएस अफसर थे तो उनको काफी भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा था जिस वजह से ही उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी।

4. आम आदमी पार्टी की स्थापना

अरविंद केजरीवाल अपने देश को सुधार करने में पूरा योगदान दिए हुए हैं। जब वह अफसरी में थे तो उन्होंने भ्रष्टाचार का खूब सामना किया और उनको यह भी समझ आ गया था कि इस तंत्र में बैठे-बैठे वह इस पर काबू नहीं कर सकेंगे।

जिसके बाद उन्होंने ज्वाइंट कमिश्नर के पद से इस्तीफा दे दिया था। भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए जब वह अन्ना के आंदोलन में शामिल हुए, तो उनको पार्टी बनाने की आवश्यकता महसूस हुई। जिसके बाद नवंबर 2012 में उन्होंने आम आदमी पार्टी की नींव रखी।

5. अवॉर्ड्स

अरविंद केजरीवाल 2020 के चुनाव जीत एक बार फिर से दिल की कुर्सी पे विराजमान हो गए हैं। बात करे यदि इनको मिले अवार्ड की तो 2005 में इन्हें आईआईटी खड़कपुर के द्वारा केंद्र के. दुबे अवार्ड से सम्मानित किया गया। जो कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने की वजह से इनको दिया गया था।

वहीं 2006 में इनको परिवर्तन जन आंदोलन के नेतृत्व करने की वजह से रमन मैग्सेसे अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। जिसकी राशि इन्होंने एनजीओ में दान कर दी थी।

उम्मीद है आपको अरविंद केजरीवाल के जीवन से जुड़ा यह लेख पसंद आया होगा।

 

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