in

भारतीय रेल से जुडी कुछ रोचक बाते, जरूर पढ़िए

रेल यात्रा काफी लोगो की पसंदीदा व सहायक यात्राओं में।  दूसरे शब्दों में कहे तो रोजना लाखो से भी अधिक लोग रेल में सफर कर एक स्थान से दूसरे स्थान जाते हैं। वही दूसरी और रेल यात्रा काफी लोगो किस पसंदीदा यात्रा है।  दुनिया भर में रेल सेवा ने लोगो की यात्रा को सफल बनाने में एक बड़ा योगदान दिया है व आप दुनिया के विभिन्न देशो में विभिन्न प्रकार की रेल नीतिया देख सकते है। 

अब हम बात करे भारतीय रेल सेवा की तो इसमें को शक नहीं यह भारत के लोगो के दिलो के बेहद करीब है व काफी लोग ज्यादार बच्चो को रेल की यात्रा बहुत पसंद है। इसीलिए आप पार्को में रेल जैसे झूले भी देख सकते है। तो आज इस लेख में हम बात करने जा रहे है भारतीय रेल से जुडी कुछ ऐसे तथ्यों की जिन्हे जानकर आपको काफी अच्छा लगेगा। तो आइये शुरू करते है यह लेख।

#1 सबसे तेज़ चलने और सबसे धीमी चलने वाली ट्रेन

भारतीय रेल भारत के लोगों के दिल के काफी नजदीक है। अब यदि हम बात करें भारतीय रेल से जुड़े फैक्ट की तो हम सबसे पहले नाम ले सकते हैं सबसे तेज़ चलने और सबसे धीमी चलने वाली ट्रेन का। जी हां, तो यदि हम बात करें नई दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन से उतर प्रदेश के झांसी का सफर तय करने वाली गतिमान एक्सप्रेस की।

तो हम कह सकते हैं कि यह भारत की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन है। वहीं दूसरी ओर यदि हम बात करें भारत की सबसे धीमी चलने वाली ट्रेन की तो नीलगिरी एक्सप्रेस भारत की सबसे धीमी चलने वाली ट्रेनों में सबसे ऊपर है।

#2 सबसे लंबे रूट वाली ट्रेन

भारतीय रेल सेवा यात्रियों के लिए एक वरदान की तरह है। रेलयात्रा में आप कुछ ही शुल्क में लंबा सफर आसानी से तय कर सकते हैं। अब हम बात करें रेल सेवा से जुड़े अन्य तथ्य की तो हम नाम ले सकते हैं सबसे लंबी रूट वाली ट्रेन का।

हां, इसमें कोई शक नहीं की भारत में कई ऐसी ट्रेन है जो लंबा सफर तय करती है। परंतु हम बाते करे विवेक एक्सप्रेस की तो यह सबसे लंबे रूट वाली गाड़ी है। डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी के बीच चल 4,273 किलोमीटर का रूट पूरा करती है विवेक एक्सप्रेस।

जो कि किसी भी अन्य ट्रेन के मुकाबले कुल समय में सबसे लंबा रूट है। तो हम कह सकते हैं कि विवेक एक्सप्रेस भारतीय रेल सेवा में सबसे लंबे रूट वाली ट्रेन है।

#3 रेलवे स्टेशन में सबसे बड़े और छोटे नाम

भारतीय रेल यात्रा वाकई लोगों के लिए बेहद खास और यादगार होती है। बात करें रेल से जुड़े अन्य और तथ्य की तो हम बात कर सकते है नाम के अनुसार सबसे बड़े और छोटे स्टेशन की। तो, रेल स्टेशन में सबसे बड़ा नाम है “वेंकटनरसिंहराजूवारिपेटा” जो की चेन्नई में पड़ता है।

वहीं दूसरी ओर यदि हम बात करें सबसे छोटे नाम वाले रेलवे स्टेशन के नाम की,  तो हम कह सकते हैं “आईबी” जोकि उड़ीसा में आता है। इसके साथ ही गुजरात में पड़ने वाला 'ऑडी' रेलवे स्टेशन भी सबसे छोटे नाम वाले रेलवे स्टेशन में से एक है ।

#4 भारतीय रेल में सबसे पुराना इंजन

भारतीय रेल सेवा ने लोगो की यात्रा को सरल बनाने में काफी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब हम बात करें भारतीय रेल से जुड़े अन्य तथ्य की तो हम नाम ले सकते हैं सबसे पुराने इंजन का। जी हां, भारतीय रेल में सबसे पुराना इंजन फेयरी क्वीन है।

जिसका निर्माण 1855 में हुआ था। यह वाकई पुराने समय के लिए बहुत खास था और आज भी जब बात चलती है सबसे पुराने इंजन की तो इस इंजन का नाम सबसे ऊपर रहता है।

#5 भारतीय रेल में टॉयलेट सुविधा

बात करें भारतीय रेल से जुड़े एक और अन्य तथ्य की तो यह पॉइंट पर्याप्त होगा। सरल शब्दों में कहें तो भारतीय रेल के शुरुआत में लॉवर क्लास में टॉयलेट सुविधा नहीं होती थी। जी हां, ट्रेनों में लॉवर क्लास के लिए टॉयलेट की सुविधा 1909 में शुरू की गई थी जिसको शुरू करवाने की श्रेय अखिल बाबू को जाता है।

आशा है भारतीय रेल से जुड़ा यह लेख आपको अच्छा लगा होगा

This post was created with our nice and easy submission form. Create your post!

What do you think?