Friday, 17 September, 2021

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रोहतक का पहलवान परिवार हत्याकांड:मंजू से मनन बने शख्स का तर्क- समलैंगिक होना प्राकृतिक रचना, इसमें किसी का दोष नहीं, मगर घरवालों को मारना बिल्कुल गलत, समलैंगिकता को टारगेट न करने की अपील

हरियाणा के रोहतक जिले की झज्जर चुंगी स्थित विजय नगर कालोनी में प्रॉपटी डीलर बबलू पहलवान परिवार हत्याकांड की वजह और कुछ नहीं, बल्कि उनके बेटे अभिषेक उर्फ मोनू का समलैंगिक होना है। अभिषेक के इस रहस्य से पर्दा उठने के बाद समाज के लोग उससे घृणा करने लगे हैं। ऐसे में एक लड़की मंजू, जो जेंडर बदलवाकर मनन बन गई है, उसने अपना तर्क दिया है। वह रामगोपाल कालोनी मे रहता है। मनन कहते हैं कि समलैंगिक होना दोष नहीं है, यह प्राकृतिक रचना है। घरवालों की हत्या करना उचित नहीं है, मगर समलैंगिकता को टारगेट करना भी सही नहीं है। अगर घरवालों ने अभिषेक को समझाने की बजाय उसे समझने पर ज्यादा जोर दिया होता तो शायद आज कहानी कुछ और ही होती।

लड़कियों जैसा पहनावा शुरू हो पसंद नहीं था, घरवालों की नाराजगी झेली

मनन ने बताया कि 5 वर्ष की उम्र रही होगी, जब चाचा की शादी में मां के पहनाए नए फ्रॉक को फाड़ दिया। लड़कियों जैसा पहनावा शुरू से ही पसंद नहीं था। लड़कों की तरह पेंट-शर्ट पहनता था। ऐसा महसूस होता था कि गलत शरीर में जन्म हुआ है। लड़कों जैसा व्यवहार करने पर डांट भी पड़ जाती थी। स्वजनों की नाराजगी भी झेली। भाई-बहनों से अच्छी बॉडिंग नहीं बना पाया। मुझसे कहा जाता- होश में नहीं हूं। घर और बाहर बार-बार लड़की होने का अहसास दिलाया जाता। मन मार कर जी रहा था। कभी समझ ही नहीं आया, क्यों सब नाराज हो गए हैं।

लड़कों जैसी थी सारी आदतें

मनन बताते हैं कि शुरुआत से ही उनकी सारी आदतें लड़कों जैसी रहीं। परिवार वाले सोचते थे कि गलत संगत में पड़ गया हूं। लेकिन यह सब संगत नहीं, मेरे अंदर का पुरुष मुझ से कराता था। मेरी परेशानी मेरा शरीर रहा है। मानसिक तौर पर पूरी तरह से स्वस्थ हूं। मेरा लालन-पोषण एक लड़की की तरह हुआ। माता-पिता ने नाम मंजू रखा। लेकिन बहुत जल्द पता चल गया था कि मेरे शरीर में लड़की नहीं लड़का बसता है। इसके बाद मैं जेंडर बदलवाकर मंजू से मनन बन गया।

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