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लाखनमाजरा में ज्यादा मौतें; फिर भी दिनभर खुले रहते हैं बाजार, व सर्वे में नाम लिखवाने से भी डर रहे बुखार पीड़ित

कोरोना के चलते रोहतक जिले के हर गांव की कहानी है की जांच से डर लगता है। जी हाँ,  चिड़ी, लाखन माजरा, खरैंटी, मदीना, पिलाना, सांघेड़ा, निंगाना, कटेसरा, काहनौर, सुनडाना हो या सेवाना गांव, लोग यही कहते हैं कि जांच से डर लगता है। इसके साथ ही 300 घर वाले गांव खरैंटी में हर घर दो-तीन खांसी-बुखार से पीड़ित हैं, सर्वे कराया तो कोई सामने नहीं आया।

 यहा पर आपको बता दे की मदीना गिंधराण के 25 साल के युवक राहुल का लोग डरे हुए हैं कि जांच में पॉजिटिव निकले तो इलाज कराने अस्पताल जाना होगा, जहां से जिंदा नहीं लौटेंगे। मेरा एक दोस्त भी चला गया। किडनी में दिक्कत थी। जांच में पॉजिटिव निकला, इलाज कराने अस्पताल गया तो लौटकर नहीं आया।

शव जलाने के भी 6000 रुपए ले लिए। इसके साथ ही हर घर में दो-तीन ऐसे मरीज हैं, लेकिन एक ने भी नाम नहीं लिखवाया। इसलिए जबरन 11 लोगों के नाम लिखकर पाटवारी को सूची दे दी।

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