Friday, 17 September, 2021

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वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे आज:बदलती लाइफस्टाइल व कोविड आने से छोटी-छोटी बात पर गुस्सा कर रहे लोग, 80% सुसाइड केस में पारिवारिक परिस्थितियां बन रहीं वजह

विश्व स्तर पर 10 सितंबर को वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे मनाया जाएगा। लोगों में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोकथाम करने के लिए गुरुवार को पीजीआईएमएस के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के चिकित्सकों ने बैठक की। बैठक में चिकित्सकों ने आत्महत्या के बढ़ते कारणों और बचाव के बिंदुओं पर चर्चा की। इस बार दिवस का थीम “कार्य के द्वारा आशा का संचार’ रखा गया है। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक कम सीईओ डॉ. राजीव गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार, भारत में हर साल एक लाख से ज्यादा लोग आत्महत्या करते हैं।

दुनिया भर में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है। उन्होंने कहा कि बदलती लाइफस्टाइल एवं कोविड महामारी की वजह से आज आम आदमी की दिनचर्या काफी बदल गई है। लोग छोटी छोटी बात पर गुस्सा करते हैं। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते 80 फीसदी सुसाइड केस मे पारिवारिक परिस्थितियां वजह बन रही हैं। यदि कुछ क्षणों तक व्यक्ति अपनी भावनाओं पर संयम रख ले तो आत्महत्या की संभावना कम हो जाती है। एक अध्ययन के अनुसार आत्महत्या करने वाले 48 प्रतिशत लोगों की सही समय पर की काउंसिलिंग उनके विचार बदल सकती है।

उन्होंने बताया कि आत्महत्या के प्रमुख कारणों मे गंभीर शारीरिक रोग, पारिवारिक कलह, संबंधों में कटुता, प्रेम प्रसंग, सामाजिक एवं रोजगार की उथल पुथल, नशे की लत, मानसिक क्रोध, व्यक्तित्व में खराबी एवं जीवन में आने वाली अत्यंत दुखदाई घटनाएं प्रमुख हैं। डॉ. सुनीला राठी व डॉ. विनय कुमार ने बताया कि शुक्रवार को आमजन को जागरूक करने के लिए चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं नर्सिंग कालेज की ओर से सुबह मरीज एवं उनके परिजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक हेल्प डेस्क कम प्रर्दशनी का आयोजित होगी।

आपात स्थिति में व्यक्ति खुद ही उपचार कर सकता है: डॉ. पुरुषोत्तम

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