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शनिवार को ब्लैक फंगस के 66 नए केस मिले, 14 जिलों में इंजेक्शन ही नहीं, 22 मरीजों की सर्जरी अटकी

हरियाणा में एम्फोटेरिसन बी इंजेक्शन की कमी के चलते ब्लैक फंगस पीड़ितों के उपचार का संकट भी पैदा हो गया है। इसके साथ ही इंजेक्शन नहीं होने से मरीजों की सर्जरी टाली जा रही है। इससे साफ हो जाता है कि प्रदेश में स्थिति कितनी गंभीर हो गई है। इसके साथ ही पता चला है कि 14 जिलों में तो एम्फोटेरिसन बी इंजेक्शन ही नहीं हैं। इस वजह से 22 मरीजों की सर्जरी अटकी पड़ी है।

सिर्फ उन्हीं मरीजों की सर्जरी की जा रही है जिनकी, हालत ज्यादा गंभीर है। वहीं, सिरसा में ब्लैंक फंगस से शुक्रवार देर शाम दो मरीजों की मौत हो गई। मौत की वजह को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया। इधर, शनिवार को प्रदेश में ब्लैक फंगस के 66 नए केस मिले। इसके साथ ही कुल मरीजों की संख्या 398 हो गई है। सबसे ज्यादा मरीज 13 हिसार में मिले हैं। इसके बाद 9 केस सिरसा में मिले।

यहां आपको बता दे की प्रदेश का पहला व्हाइट फंगस का मरीज शुक्रवार को रोहतक में मिला था। 57 वर्षीय इस महिला मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है व यह डायबिटीज की मरीज भी है। इसके साथ ही उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार घटने और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने की वजह से हालत गंभीर है। अभी आईसीयू में एडमिट कर चिकित्सक उपचार कर रहे हैं। पीजीआई में ब्लैक फंगस के 63 मरीज भर्ती हैं। पीजीआई ने 6000 वाइल इंजेक्शन की डिमांड की है।

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