Friday, 17 September, 2021

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शहर को विकास चाहिए विवाद नहीं:सचदेवा ने कहा- अफसरों-कर्मियों पर दबाव बनाने के लिए लगा मेयर का दरबार, सुधीर गोल्डी बोले- दरबार से भ्रष्टाचारी नेताओं व कर्मियों को ही तकलीफ हो रही

नगर निगम में नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) को लेकर आ रही दिक्कतों को निपटाने के लिए वीरवार को लगे मेयर शक्ति रानी शर्मा के खुले दरबार के बाद भाजपा व हजपा नेताओं में जुबानी जंग छिड़ गई है। विधायक असीम गोयल के करीबी एवं निगम में मनोनीत पार्षद एडवोकेट संदीप सचदेवा ने आरोप लगाया कि खुले दरबार का मकसद नगर निगम के कर्मचारियों पर दबाव बनाना है ताकि ‘चंडीगढ़ के नेताओं’ के चमचे अपने गलत काम करवा सकें। इसके जवाब में विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी के सुधीर कौशल गोल्डी मेयर के खुले दरबार से भ्रष्टाचारी नेताओं व कर्मचारियों को तो तकलीफ हो सकती है, लेकिन भाजपा नेताओं की तकलीफ संदेह पैदा कर रही है।

चंडीगढ़ वाले नेताओं को अम्बाला की जनता को बातों में फंसाना आता है : संदीप सचदेवा

‘चंडीगढ़ वाले नेताओं’ को अम्बाला की जनता को अपनी बातों में फंसाना बखूबी आता है। निगम चुनाव के दौरान तो हजपा ने वादा किया था कि मेयर बनने के बाद सात दिन में एनडीसी को खत्म कर दिया जाएगा लेकिन 9 माह में भी एनडीसी खत्म नहीं करा पाई हैं। 9 माह में शहर में 9 रुपए के विकास कार्य भी नहीं करा सकीं। ऐसे में अब जनता का ध्यान भटकाने के लिए जनता की झूठी वाहवाही लूटने के लिए और फिर से उनको गुमराह करने के लिए एनडीसी का खुला दरबार लगाने का ढोंग रचा गया है। एनडीसी को समाप्त करने की बात कहने वाली मेयर अब एनडीसी की वकालत कर रही हैं। ऐसे झूठ बोलकर, जनता को गुमराह करने, स्वार्थ की व झूठ की राजनीति करने वाले लोगों की जल्द ही पोल भाजपा के सभी कार्यकर्ता, पार्षद जनता के बीच जाकर खोलेंगे। किसी भी कर्मचारी पर दबाव बनाने की और नाजायज रूप से उसको तंग करने की अगर कोई कोशिश की गई तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।-संदीप सचदेवा, भाजपा के मनोनीत पार्षद

दरबार से भाजपा नेताओं में बौखलाहट: सुधीर

एनडीसी को लेकर खुला दरबार लगाने का मकसद अधिकारियों द्वारा पीड़ित लोगों को राहत प्रदान करना था। भाजपा नेताओं को इस दरबार से इतनी बौखलाहट पहुंचेगी, इसका अंदाजा नहीं था। भाजपा नेता का भ्रष्ट अधिकारियों का पक्ष लेना संदेह की स्थिति उत्पन्न करता है। एनडीसी को लेकर लोग निगम कर्मियों से परेशान हैं। कहीं न कहीं लोग परेशान होकर भ्रष्टाचारियों के जंजाल में ठगे जा रहे हैं। इसे लेकर खुला दरबार लगाना जरूरी था। खुले दरबार में आए 252 लोग महीनों से नहीं, अपितु कई लोग कई-कई वर्षों से नगर निगम के धक्के खा रहे थे। लोगों का पता है कि किस पार्टी के कार्यकर्ता व नेता अपने निजी काम करवाने के लिए कर्मचारियों व अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। भाजपा की सरकार में नगर निगम में जो भ्रष्टाचार व ठगी का जंजाल फैला था उस पर मेयर लगाम रही हैं। संदीप सचदेवा अपने आकाओं को खुश करने के लिए बेतुके बयान दे रहे हैं, अगर वह चुने हुए प्रतिनिधि होते तो लोगों की तकलीफ पता होती।सुधीर कौशल गोल्डी, हजपा नेता और फकीरचंद, वार्ड-2 पार्षद

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