Friday, 17 September, 2021

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स्वास्थ्य विभाग काे 30 हजार डोज मिलीं:छोटे कैंप में 12% तक होती थी वैक्सीन वेस्टेज, मेगा कैंप लगाए, 10 लाभार्थी देख खोलने लगे वॉयल, अब वेस्टेज 0

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान के शुरुआत में वैक्सीन वेस्टेज का एक बहुत बड़ा कारण मिस मैनेजमेंट रहा। निजी अस्पतालों सहित जगह-जगह लगे छोटे-छोटे कैंप के कारण वैक्सीन वेस्टेज 12 फीसद तक जा पहुंचा था। एक व्यक्ति के लिए वॉयल ओपन कर दिया जाता था, जिससे बाकी डोज व्यर्थ होती थी। यह स्थिति न सिर्फ हिसार बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी देखने को मिली थी।

ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन की एक-एक बूंद बचाकर लाभार्थी को टीका मुहैया करवाने के लिए व्यवस्था में बदलाव किए। छोटे कैंप के बजाय मेगा कैंप लगाने शुरू किए। वैक्सीन की बूंद-बूंद पर निगरानी बढ़ा दी। इसके सकारात्मक नतीजे आने लगे। हिसार में हेल्थ अफसर व वर्कर वैक्सीन वेस्टेज 12% से घटाकर 0% तक ले आए।

इतना ही नहीं एक वॉयल से 10 नहीं बल्कि 12 लोगों को टीका लगा रहेे हैं। शुरुआती चरणों में उक्त वेस्टेज रोक ली जाती तो टीकाकरण लक्ष्य के आंकड़े भी बदले दिखते। फिलहाल लगातार मेगा कैंप लगाने की वजह से टारगेटिड 12 लाख 24 हजार 350 में से 58.36% लाभार्थियों को पहला टीका लग चुका है।

इस स्ट्रेटजी से वैक्सीन की वेस्टेज हुई कम

वैक्सीन वेस्टेज को 0 फीसद तक ले आए हैं। अभियान की शुरुआत में निजी अस्पतालों व छोटेछोटे कैंप में एक व्यक्ति के लिए भी वॉयल खोल दी जाती थी। इससे वेस्टेज बढ़ी थी मगर नई रणनीति व बेहतर प्रबंधन के तहत मेगा टीकाकरण कैंप लगा रहे हैं। इससे वेस्टज पर रोक लगी है।” –डॉ. तरूण, डिप्टी सिविल सर्जन।

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