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हरियाणा की वह मुख्य फसले जो है आपके दिल के बेहद करीब

हरियाणा में देखा जाए तो खानपान काफी अच्छा और सादा होता है जो कि स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक होता है आप देखे तो हरियाणा में ज्यादातर लस्सी और दही खाया जाता है क्योंकि यहां पर दूध की पैदावार ज्यादा होती है। इसी प्रकार यहां पर फसलें भी विभिन्न प्रकार की होती है।

आज के इस लेख में हम बात करेंगे हरियाणा में पैदा की जाने वाली फसलों के बारे में जो कि हरियाणा की फसलों के बारे में जानने में आपकी काफी सहायता करेगा। हरियाणा में हर साल 2 तरह की फसलें उगाई जाती है जिनमें से एक रबी और दूसरी खरीफ या सावनी कहलाती जाती है।

इन दोनों फसलों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आपको निम्नलिखित बिंदुओं को पढ़ना चाहिए।

#1 1 आषाढ़ी या रबी

भारत के हर राज्य में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती है और यह फसल मनुष्य के भोजन का सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। तो सबसे पहले हम बात करते हैं आषाढ़ी या रबी के फसल के बारे में। रबी फसलों के अंदर गेहूं चना सरसों इत्यादि को शामिल किया जाता है जो कि राज्य की प्रमुख फसलों के अंतर्गत आती है।

इनको काफी लोग आषाढ़ी फसल इसलिए कहते हैं क्योंकि इसकी प्राप्ति आषाढ़ मास के दौरान होती है। यह फसलें सर्दी के शुरुआत में अक्टूबर-नवंबर मास के दौरान बोई जाती है तथा बात करें इन फसलों की कटाई की तो इनकी कटाई अप्रैल और मई माह तक हो जाती है।

#2 गेहूं

गेहूं 

अब हम बात करते हैं गेहूं की तो गेहूं के उत्पादन में हरियाणा देश उत्तर प्रदेश और पंजाब के बाद तीसरे नंबर पर आता है। परंतु राष्ट्रीय अन्न भंडार को हरियाणा पंजाब के बाद दूसरे नंबर पर गेंहू देता है।

#3 चना

चना

चना एक बहुत ही आवश्यक और ज्यादा खाई जाने वाली फसल है व काफी लोग चने का प्रयोग करते हैं। चना शुष्क इलाकों में पैदा होता है जहां नहर की सिंचाई होती है वहां चना पैदा नहीं होता है।

#4 जौ

जौ 

अब यदि बात करें जौ कि तो यह कम पानी की फसल है और इसकी पैदावार वह ज्यादा होती है जहां पानी कम होता है। जौ की फसल का उत्पादन 2001 से 2002 में 1 लाख 2 हजार टन रहा है।

#5 2. सावनी या खरीफ फसल

अब हम बात करते हैं सावनी या खरीफ फसल की तो सावनी या खरीफ फसल हरियाणा की दूसरी फसल है।  जिसमें चावल ज्वार बाजरा मक्का और कपास है व यह सावनी अथवा खरीफ के नाम से जानी जाती है। यह फसल भी हरियाणा के लिए काफी मायने रखती है व मुख्य फसलों में से एक कहलाती है। 

यह फसलें मानसून की पहली जोरदार बौछार के उपरांत जुलाई के आरंभ में बोई जाती है और लगभग सितंबर के अंत तक काट ली जाती है।

#6 चावल

चावल

बात करें यदि चावल की तो चावल को अधिक पानी की आवश्यकता होती है इसलिए इस को शुष्क इलाकों में नहीं बल्कि ऐसे इलाकों में बोया जाता है जहां पानी ज्यादा हो। यह करनाल कैथल कुरुक्षेत्र एवं जींद जिले में ज्यादा होती है व इन चारों जिलों में राज्य का आधा चावल पैदा होता है। हरियाणा के इन क्षेत्रों को चावल का कटोरा भी कहते हैं।

#7 बाजरा

बाजरा

अब बात करें यदि बाजरे की तो यह भी शुष्क इलाके में होता है यह पूर्ण रूप से बारिश पर आधारित होता है बाजरा भी हरियाणा के मुख्य फसलों में से एक है व काफी हद तक प्रयोग में लाया जाता है।

#8 गन्ना

गन्ना

अब हम बात करते हैं गन्ने की तो गन्ना राज्य की प्रमुख फसल है जो मार्च-अप्रैल में बोया जाता है और बात करें यदि गन्ने की कटाई की तो यह नवंबर में शुरू होकर फरवरी तक चलती है।

#9 कपास

कपास

अब हम नाम लेते हैं कपास का और यदि हम कपास की बात करें तो कपास भी भारत की मुख्य फसल है जो कि हरियाणा में काफी हद तक बोई जाती है एक आधी फसल है और इससे मजदूरों को भी काफी खपत होती है कपास काफी उपयोगी फसल है जिसका उपयोग रुई आदि के निर्माण में होता है।

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