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हरियाणा की 5 प्रमुख नदियाँ (5 Major rivers of Haryana)

भारत के 29 राज्यों में से हरियाणा एक है जहाँ पर आप विभिन प्रकार  रीती रिवाज़ व रहन सहन देख सकते है। 1966, में  पंजाब से अलग हुआ  यह राज्य खान पान और अपनी बोली के लिए दूर दूर तक प्रसिद है। 

यहाँ के लोगो का मानना है की जीवन में एक बार मनुष्य को हरियाणा जरूर आना चाहिए। पानीपत से कुरुक्षेत्र  जैसे कई ऐतिहासिक युद्ध स्थान है इस राज्य में जो की इसकी पहचान के रूप में कार्य करते है।

यहाँ का खान पान भी बाकि राज्यों की तरह एकदम भिन्न है और साथ साथ यहाँ की संस्कृति इतनी अनोखी है की किसी को भी प्रेम हो जाये। आज हम इसी प्रकार  भारत के हरियाणा राज्य की नदियों के बारे में कुछ जानकारी जुटाएंगे और यह जानकारी हरियाणा के प्रति आपके लगाव को और बढ़ने में सहायता करेगी।

#1 यमुना नदी (Yamuna River)

यमुना नदी हरियाणा में बहने वाली मुख्य नदियों में से एक है। इस नदी का उद्गम स्थल- बंदरपूंछ चोटी जो की यमुनोत्री ग्लेशियर (उत्तराखण्ड में है) व यह नदी हरियाणा में प्रवेश- कलेसर (यमुनानगर) से करती है।

निसंदेह, यह खूबसूरत नदी हरियाणा के कई जिलों से गुजरती है जैसे अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, हिसार और रोहतक। वही यदि यमुना नदी के विलय या समाप्ति  की बात  तो यह हसनपुर (फ़रीदाबाद) से उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाती है।

यमुना नदी, इलाहाबाद के पास लगभग 855 मील (1,376 किमी) के बाद, गंगा नदी में मिलती है। उनका संगम हिंदुओं के लिए एक पवित्र स्थान है।

#2 घग्घर नदी (Ghaggar River)

हरियाणा भारत के खास राज्यों में से एक  है जो विभिन्न प्रकार के खेलो, फसलों, आदि के लिए जाना जाता है।  अब हम बात करे दूसरी नदी की जो की हरियाणा में मुख्या रूप से पाई जाती है तो हम नाम ले सकते है घग्घर नदी (Ghaggar River) का।

जी हाँ,  हिमाचल प्रदेश के शिवालिक पहाड़ियों में डगशाई (शिमला) नामक स्थान से निकल  हरियाणा में पिंजौर (पंचकुला) से प्रवेश करने वाली घग्घर नदी भी हरियाणा की एक प्रमुख नदी है। यह नदी, पंचकुला, अंबाला, कैथल, फ़तेहाबाद, सिरसा से होकर गुजरती है व इसकी सहायक नदियां कौशल्या नदी, मारकंडा, सरस्वती, तंगरी और चौटांग आदि है।

घग्गर-हकरा नदी भारत और पाकिस्तान में एक रुक-रुक कर बहने वाली नदी है, जो केवल मानसून के मौसम में बहती है। हरियाणा के अंबाला और हिसार जिलों से गुजरने के बाद, यह राजस्थान के थार रेगिस्तान में गायब हो जाता है। यदि इसकी लम्बाई की बात करे तो इसकी कुल लंबाई इसके स्रोत से लगभग 467 किमी है।

#3 सरस्वती नदी (Saraswati River)

हरियाणा में  बहने वाली विभिन्न प्रकार की नदियों में सरस्वती नदी(Saraswati River) भी हरियाणा की एक प्रमुख नदी है, जो की  हरियाणा के अम्बाला से प्रवेश करती है।  इस  नदी का हर-की-दून ग्लेशियर गढ़वाल (उत्तरांचल) से माना जाता  है। 

यह भी बाकि नदियों की तरह हरियाणा के अम्बाला व कुरुक्षेत्र जिले से होकर गुजरती है व बाद में संगरूर (पंजाब) में घग्घर नदी में मिल जाती है। सरस्वती नदी की सहायक नदिया टांगरी, मारकंडा, छुटांग आदि है।  

#4 कृष्णावती नदी (Krishnavati River)

हरियाणा में बहुत सी नदिया पाई जाती है जो की सिचांई में काफी  सहायक होती है। अब यदि हम बात करे हरियाणा की एक और प्रमुख नदी के बारे में तो हम कह सकते है की कृष्णावती नदी (Krishnavati River) भी हरियाणा की प्रमुख नदियों में से एक है। 

इस नदी का उद्गम स्थल- जयपुर (राजस्थान) है व यह नदी हरियाणा में रेवाड़ी से प्रवेश करती है। कृष्णावती नदी हरियाणा राज्य के रेवाड़ी, झज्जर, महेंद्रगढ़ के गुजरती हुए महेंद्रगढ़ जिले में साहिबी नदी में मिल जाती है। कृष्णावती नदी, को कसुंती भी कहा जाता है।

#5 मारकंडा नदी (Markanda River)

नदियां जल के मुख्या स्रोतो में से एक होती है व विभिन्न जगह पर विभिन्न रुप में पाई जाती है। अब हम बात करते है मारकंडा नदी की जिसका उद्गम स्थल- नाहन क्षेत्र (सिरमौर जिले) हिमाचल प्रदेश में है व यह नदी हरियाणा के अम्बाला से प्रवेश कर हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल जिले से  निकलती है।

मारकंडा नदी की सहायक नदियां रण, बेगना, नकटी आदि है। अब बात करे मारकंडा के विलय या समाप्ती की तो यह सेनिसा झील में चली जाती है और सरस्वती से मिलती है। मार्कण्डा, यमुना नदी की एक सहायक नदी है, जो हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में नाहन क्षेत्र की एक छोटी नदी है। मार्कण्डा नदी का प्राचीन नाम अरुणा था।

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