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हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को पारदर्शी…


हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को पारदर्शी व उत्तरदायी शासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आमजन सरकारी कार्यालयों में चक्कर काटे बिना और बिना किसी परेशानी के कल्याणकारी योजनाओं व सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सके। इसी उद्देश्य के लिए राज्य सरकार ने महत्वाकांक्षी योजना ‘परिवार पहचान पत्र (पीपीपी)’ की शुरुआत की थी, ताकि पात्र लाभार्थियों को सरकारी सेवाओं, योजनाओं का लाभ तेजी से सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से कोविड-19 महामारी ने निश्चित रूप से इस योजना के क्रियान्वयन की गति को बाधित किया है, लेकिन अब चूंकि कोरोना की दूसरी लहर का असर थोड़ा कम हो गया है, इसलिए अब इस काम की गति में तेज लाई जाए। सभी संबंधित अधिकारी पीपीपी के लिए आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सक्रियता से कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कम से कम समय में अधिक से अधिक फीडबैक लेते हुए नई रणनीति बनाने पर ध्यान दिया जाए ताकि हरियाणा में रहने वाले प्रत्येक परिवार का डायनेमिक डाटा तैयार किया जा सके।
मुख्यमंत्री आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त उपायुक्तों एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक अतिरिक्त उपायुक्त और अन्य संबंधित अधिकारी जमीनी स्तर पर पीपीपी के सफल क्रियान्वयन के लिए पीपीपी टीम को प्रेरित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करें, जिसमें टीम लीड, एक स्थानीय आईटी ऑपरेटर, एक सामाजिक कार्यकर्ता, एक कॉलेज छात्र और स्थानीय स्वयंसेवक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि टीम के सदस्यों द्वारा कार्य के समान निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाई जानी चाहिए।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि एक नई प्रणाली विकसित की गई है जिसमें पीपीपी परफॉर्मा भरने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पीपीपी एक वेब आधारित प्रणाली है, जबकि अब इस प्रणाली को मोबाइल एप्लिकेशन आधारित बनाने की योजना बनाई जा रही है ताकि रीयल-टाइम ड डाटा अपडेशन न्यूनतम समय में और आसान तरीके से हो सके।
उन्होंने कहा कि चूंकि पीपीपी योजना नागरिकों को ‘पेपरलेस’, ‘फेसलेस’ सेवा प्रदान करने का एक साधन है, इसलिए अब इस योजना के तहत अपनाई गई पूरी प्रक्रिया को केंद्रीकृत किया जाएगा, जिसका अर्थ है कि पीपीपी के तहत निष्पादित प्रत्येक कार्य की निगरानी मुख्यालय स्तर पर की जाएगी।
बैठक में हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री सुभाष बराला, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रोफेसर बी.के. कुठियाला, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और नागरिक संसाधन सूचना विभाग के प्रधान सचिव श्री. वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक, डॉ. अमित अग्रवाल, नागरिक संसाधन सूचना विभाग की सचिव सोफिया दहिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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