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हरियाणा में आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, पहली तिमाही में 28 प्रतिशत ज्यादा कलेक्शन

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि प्रदेश की बेहतरीन आबकारी नीति के सकारात्मक परिणाम (Positive results of best excise policy) आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस वर्ष 2021-22 की प्रथम तिमाही (अप्रैल से जून 2021) में आबकारी विभाग (Excise Department) से 1751.04 करोड़ रुपए का राजस्व कलेक्शन हुआ है. वहीं, पिछले वर्ष इसी तिमाही के दौरान 1370.86 करोड़ एकत्रित किए गए थे, ऐसे में करीब 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. दुष्यंत चौटाला, जिनके पास आबकारी एवं कराधान विभाग का प्रभार भी है ने बताया कि आबकारी एवं कराधान विभाग प्रदेश का राजस्व उत्पन्न करने वाला प्रमुख विभाग है.

डिप्‍टी सीएम ने बताया कि इसी वर्ष जून में विभाग ने 1004.70 करोड़ रुपए का संग्रह किया, जबकि पिछले वर्ष जून के महीने में केवल 586.32 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था. डिप्टी सीएम ने बताया कि इस प्रकार से पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष के जून महीने में 71.36 प्रतिशत की राजस्व में वृद्धि हुई है. दुष्‍यंत चौटाला ने हरियाणा सरकार की आबकारी नीति को बेहतरीन नीति बताते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 के लिए तैयार की गई आबकारी नीति में नवीनीकरण या ई-निविदा के माध्यम से शराब की दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता बरतने का पूरा ध्यान रखा गया.

दुष्‍यंत चौटाला ने बताया कि पिछले वर्ष जहां लाइसेंस शुल्क के रूप में करीब 2910 करोड़ रुपए का राजस्व प्रदेश को मिला था. वहीं इस वर्ष 2021-22 में खुदरा शराब ठेकों के कुल 1004 जोन में लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया है, जिससे विभाग को 3201.46 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है. उन्होंने जानकारी दी कि 159 जोन के ठेकों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाया है. ऐसे में राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार इन सभी जोन को ई-निविदा के माध्यम से आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

अब तक ई-निविदा के माध्यम से 12 राउंड सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं. ऐसे में उक्त सभी जोन में से अब तक कुल 1123 जोन का आवंटन किया जा चुका है, जिसमें से इन आवंटित जोन के लिए वर्ष 2021-22 हेतु लगभग 3601 करोड़ रुपए की लाइसेंस फीस वसूल की जाएगी. उन्होंने बताया कि राज्य में अब केवल 40 जोन बकाया हैं जिनके लिए कल 5 जुलाई 2021 को बोलियां आमंत्रित की गई, इन जोन के लिए आरक्षित मूल्य 251 करोड़ रुपए रखा गया.

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यह भी बताया कि वर्ष 2021-22 के लिए हरियाणा राज्य में आयातित विदेशी शराब (बीआईओ) के थोक व्यापार हेतु ‘एल-वन बी.एफ’ लाइसेंस के लिए आवेदन ऑनलाइन आमंत्रित किए गए हैं. विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त हुए आवेदनों में से जांच करने व छंटनी के बाद कुल 14 आवेदकों को ‘एल-वन बी.एफ’ लाइसेंस के लिए पात्र पाया गया है.

उन्होंने आगे जानकारी दी कि लॉकडाउन अवधि के दौरान नियमों का उल्लंघन करने के कुल 90 मामले दर्ज किए गए. इन सभी मामलों में अब फैसला हो चुका है और पंजाब आबकारी हरियाणा संशोधन अधिनियम, 2020 की धारा 72-ई के तहत कुल 63 करोड़ 15 लाख 17,600 रुपए का जुर्माना लगाया गया है. इस जुर्माना राशि में से अब तक कुल 6 करोड़ 56 लाख 59,853 रुपए की वसूली भी की जा चुकी है.

उपमुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2020-21 के दौरान नियमों के उल्लंघन के कुल 1152 मामले दर्ज किए गए जिनमें 186.96 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 60.08 करोड़ की वसूली भी कर ली गई है. डिप्टी सीएम ने बताया कि वर्ष 2021-22 के दौरान राज्य सरकार ने बार- लाइसेंस के लिए फीस में करीब 8 प्रतिशत की छूट दी है. इस वर्ष बार-लाइसेंस धारकों को केवल 11 महीने की फीस अदा करनी होगी. उन्होंने यह भी बताया कि बिना टैक्स दिए शराब बेचने पर रोक लगाने और राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए डिस्टिलरी/ब्रेवरीज/बॉटलिंग प्लांट में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इन सब पर नियंत्रण के लिए पंचकूला स्थित हेड-ऑफिस में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जा रहा है.

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