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हरियाणा में म्युकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस नामक बीमारी से ग्रस्त मरीज अब पीजीआई…


हरियाणा में म्युकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस नामक बीमारी से ग्रस्त मरीज अब पीजीआई रोहतक समेत प्रदेश के किसी भी मेडिकल कॉलेज में अपना इलाज करवा सकते हैं। राज्य सरकार ने इस बीमारी के इलाज के लिए प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों को अधिकृत कर दिया है। साथ ही, इस बीमारी के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन एम्फोटेरीसिन-बी हासिल करने की प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी है। इससे पहले प्रदेश के 4 मेडिकल कॉलेज ही ब्लैक फंगस बीमारी के इलाज के लिए अधिकृत थे।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रोहतक, जींद, महेन्द्रगढ़ व चरखी दादरी जिलों के ब्लैक फंगस बीमारी से पीडि़त लोगों के इलाज के लिए पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, रोहतक को अधिकृत किया गया है। इसी प्रकार, पलवल के हथीन उपमंडल तथा नूंह व गुरुग्राम जिलों के लिए शहीद हसन खां मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नल्हड़ को अधिकृत किया गया है। रेवाड़ी, नूंह व गुरुग्राम जिलों के लिए एसजीटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बुढ़ेडा, गुरुग्राम को भी अधिकृत किया गया है।
उन्होंने बताया कि सोनीपत व पानीपत जिलों के मरीजों लिए भगत फूल सिंह राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय, खानपुर कलां के साथ-साथ एन.सी.मेडिकल कॉलेज इसराना, पानीपत को भी अधिकृत किया गया है। इसी तरह, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद व भिवानी जिलों के लिए महाराजा अग्रसेन चिकित्सा महाविद्यालय, अग्रोहा को और करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर जिलों के लिए कल्पना चावला राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, करनाल को अधिकृत किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि रेवाड़ी व झज्जर जिलों के लिए वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, झज्जर को जबकि अम्बाला व कुरुक्षेत्र जिलों के लिए आदेश चिकित्सा विज्ञान संस्थान, शाहबाद को अधिकृत किया गया है। पंचकूला व अम्बाला जिलों के लिए महर्षि मार्कंडेश्वर मेडिकल साइंस एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, मुलाना को भी अधिकृत किया गया है। फरीदाबाद जिले के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल,फरीदाबाद को अधिकृत किया गया है। पलवल, नूंह व फरीदाबाद जिलों के लिए अल-फ्लाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, धौज टिकरी खेड़ा, फरीदाबाद को भी अधिकृत किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि ब्लैक फंगस बीमारी से पीडि़त व्यक्ति ई-मेल [email protected] पर निर्धारित प्रोफार्मा भरकर डॉक्टर के हस्ताक्षर उपरांत इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन-बी प्राप्त कर सकते हैं, जो इस बीमारी के इलाज के लिए काफी कारगर है।


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