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हरियाणा में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्या…


हरियाणा में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक रणनीतियां बनाकर उन्हें व्यवस्थित तरीके से लागू किया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में अब तक लाभार्थियों को 57 लाख से अधिक कोविड वैक्सिन की खुराक दी जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में व्यापक जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार का 1.76 करोड़ लाभार्थियों का टीकाकरण करने का लक्ष्य है, जिसमें 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के 1.05 करोड़ लोगों और 45 से अधिक आयु वर्ग के 71 लाख लोग शामिल हैं। अत: 1.76 करोड़ लाभार्थियों को लगभग 3.5 करोड़ वैक्सिन की खुराक दी जानी हैं, जिसमें से 57,11,985 खुराक दी जा चुकी हैं जोकि लक्ष्य का लगभग 16 प्रतिशत है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि 16 जनवरी को कोविड टीकाकरण अभियान शुरू किए जाने से लेकर अब तक राज्य सरकार ने सुचारू रूप में टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। अपनाई गई विभिन्न रणनीतियों में मेगा टीकाकरण अभियान और सामाजिक टीकाकरण अभियान, मेगा टीकाकरण दिवसों पर व्यापक टीकाकरण अभियान, 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का 800 करोड़ रुपये की लागत से नि:शुल्क टीकाकरण, टीकाकरण स्टॉक का दैनिक अद्यतन और आवश्यकतानुसार इसकातर्कसंगत वितरण शामिल हैं। वैक्सीन के प्रबंधन के संबंध में प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के लोगों को मुफ्त टीके लगाने के लिए 316 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है और टीके की शेष लगभग 484 करोड़ रुपये की लागत जल्द ही जारी कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा उन कुछ राज्यों में से एक है जो 18 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को नि:शुल्क टीके लगवा रहे हैं क्योंकि राज्य सरकार अपने सभी पात्र लाभार्थियों का टीकाकरण करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके अलावा, टीकाकरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने और क्रियान्वित करने के लिए राज्य संचालन समिति का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण की योजना बनाई गई, अत: अधिकांश टीकाकरण केंद्रों को उन क्षेत्रों में चालू किया गया जहां इस श्रेणी के लोग अधिक थे।
लागू की गई रणनीति का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने टीकाकरण केंद्रों पर लाभार्थियों की भीड़ को रोकने के लिए आपूर्ति के अनुसार चरणबद्घ रूप से टीकाकरण के प्रबंधन पर बल दिया ताकि कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन किया जा सके। टीकाकरण के पहले दो चरणों में एचसीडब्ल्यू और एफएलडब्ल्यू को टीका लगाया जाना था, जबकि तीसरे चरण में सह-रुग्णता वाले 45 से 60 वर्ष के आयु वर्ग में और 60 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों का टीकाकरण शुरू किया गया। इसी दौरान मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के ओजस्वी नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘मेगा टीकाकरण दिवस’ की अनूठी अवधारणा की शुरुआत की ताकि गांवों में भी वैक्सीन लगाना सुनिश्चित हो सके। इसके उपरान्त, टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई और गांवों में भी आवासीय क्षेत्रों के करीब रणनीतिक रूप से टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए ताकि राज्य के अधिकतम लोगों को टीका लगाया जा सके।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को टीका लगाने के मुख्यमंत्री के विजन का अनुपालन करते हुए राज्य अपने 82 प्रतिशत एचसीडब्ल्यू और 82 प्रतिशत एफएलडब्ल्यू का टीकाकरण कर चुका है और जल्द ही राज्य के सभी लोगों का टीकाकरण किया जाएगा।
इस संबंध में उठाए गए अन्य कदमों में राज्य सरकार ने टीके को लेकर दुविधा में पड़ेे लाभार्थियों को प्रेरित करने और जुटाने के लिए अंतर-क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाया और टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग, पीआरआई, यूएलबी, पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग जैसे विभिन्न विभागों को शामिल किया गया।
लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने हेतू आयोजित विभिन्न गतिविधियों में राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रमुख डॉक्टरों के वीडियो साझा किए, सभी जिलों में प्रभावशाली लोगों की पहचान की गई जिन्होंने टीकाकरण के लिए जनता को प्रेरित किया, प्राथमिकता वाले आयु समूहों को टीका लगाया गया और टीका लगवा चुके लोगों को ‘मैंने टीका लगाया है’ के स्टिकर वितरित किये गए। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, आशा कार्यकर्ताओं को भी लोगों को टीकाकरण के लिए जागरुक करने के लिए प्रेरित किया गया, प्रासंगिक आईईसी गतिविधियों का संचालन किया गया और सार्वजनिक स्थानों एवं कोविड टीकाकरण केंद्रों पर वीडियो प्रदर्शित किए गए।


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