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हरियाणा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज उप-राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत 5 साल से कम…


हरियाणा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज उप-राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत 5 साल से कम आयु के लगभग 4.38 लाख (51त्न) बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गयी। राज्य में इस अभियान के दौरान लगभग 8.5 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि पल्स पोलियो 2020-21 के पहले उप-राष्ट्रीय टीकाकरण (एसएनआईडी) अभियान को आज राज्य के 13 जिलों के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों सहित कन्टेनमेंट जोन के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में शुरू किया गया जिनमें अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, करनाल, कुरूक्षेत्र, मेवात, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत और यमुनानगर शामिल हैं ।
उन्होंने बताया कि राज्य की पोलियो-मुक्त स्थिति को बनाए रखने के लिए पहले दिन इन क्षेत्रों में बूथ गतिविधि आयोजित की गई। इन बूथों की शुरुआत एमएलए / उपायुक्त / नगरपालिका काउंसलर्स / सिविल सर्जन व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित अधिकांश जिलों में प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों द्वारा किया गया है। विधायक दीपक मंगला ने पलवल, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने जिला फरीदाबाद और विधायक सीमा त्रिखा ने भी जिला फरीदाबाद में पल्स पोलियो अभियान की शुरूआत की। इसी प्रकार, जिला गुरुग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में 4 विधायकों द्वारा इस अभियान की शुरुआत की गई जिसके तहत विधायक सुधीर सिंगला ने गुरुग्राम में, विधायक राकेश दौलताबाद ने बादशाहपुर में, विधायक संजय सिंह ने सोहना में और विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने पटौदी में इस अभियान की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए, पोलियो खुराक को सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और फ्रंट लाइन वर्करों द्वारा पूर्ण सावधानी के साथ व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के उपयोग जैसेकि मास्क, सैनिटाइजऱ, दस्ताने आदि का प्रयोग करते हुए पिलाया गया। उन्होंने कहा कि इन टीमों ने हाथ की सफाई और सोशल डिस्टेंसिंग के उपायों का भी अनुसरण किया है।
उन्होंने कहा कि अभियान दो दिनों के लिए हाउस-टू-हाउस की गतिविधि के माध्यम से जारी रहेगा और शेष रह गए बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। इस अभियान को आसानी से करने के लिए 4,500 स्वास्थ्य टीमों सहित स्वास्थ्य वर्करों/ स्वयंसेवकों / आंगनवाडी वर्करों/ आशा वर्करों आदि को लगाया गया है । सभी जिलों में लगभग 500 फील्ड पर्यवेक्षकों और प्रत्येक जिले में 5-6 जिला पर्यवेक्षकों ने एनपीएसपी-डब्लूएचओ के स्वतंत्र मॉनीटर के अलावा गतिविधि की निगरानी की है। पहले दिन बूथ गतिविधि के दौरान छूट गए बच्चों को 28 जून और 29 जून, 2021 को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे कि स्लम, अलग झोपडिय़ों, ईंट भट्टियों, फ्लोटिंग / माइग्रेटिंग आबादी जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में हाउस-टू-हाउस टीमों के माध्यम से पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी हितधारक विभागों की लगातार कड़ी मेहनत के कारण, भारत और हरियाणा वर्ष 2012 से पोलियो मुक्त हैं और एनआईडी / एसएनआईडी के हर क्रमिक दौर के साथ यह सुनिश्चित किया जाता है कि भारत की पोलियो मुक्त स्थिति निरंतर बनी रहे। उन्होंने आम जनता से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह भी किया।


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