Friday, 17 September, 2021

BREAKING

दूध दही का खाना ये म्हारा हरियाणा !!News - Information - Entertainment

हे सरकार! ये कैसा भेदभाव:सिटी अस्पताल में 100 बेड के भवन का काम भी लेट, कैंट सिविल अस्पताल 50 से बढ़कर 200 बेड का हुआ

सिटी के प्रोजेक्ट्स न केवल लेट हैं बल्कि यहां आए प्रोजेक्ट्स भी कैंट चले गए। नेशनल सेंटर फाॅर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की घोषणा सिटी के टीबी अस्पताल के लिए हुई थी। यह प्रोजेक्ट अब कैंट के नग्गल की पंचायती जमीन पर बनेगा। इस प्रोजेक्ट को लेकर एनसीडीसी की टीम जगह का मुआयना भी कर चुकी है। इस प्रोजेक्ट को लेकर मार्च महीने में स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की थी। एनसीडीसी शाखाएं उभरती व फिर से उभरती बीमारियों के निदान में मदद करती हैं। इसके लिए अत्याधुनिक उपकरणों के साथ प्रयोगशाला बनाई जाएगी।

जानकारी मुताबिक एनसीडीसी का यह प्रोजेक्ट करीब 2 हजार करोड़ का है। एनसीडीसी राज्य में रोग की निगरानी, प्रकोप की जांच, प्रकोप से निपटने के त्वरित उपाय व क्षमता को बढ़ाएगी और अत्याधुनिक लैब इसमें एक हिस्सा रहेगी। इसमें हर प्रकार के टेस्ट किए जा सकेंगे। जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की क्षमता 5 हजार यूनिट से बढ़ जाने के बाद साल 2012-13 में यहां ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगाने को मंजूरी मिली थी। इसका बाकायदा एक प्रपोजल भेजा गया। मशीन व ढांचागत व्यवस्था सहित 72 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया। मशीन ब्लड से आरबीसी, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा को अलग-अलग करती है। जो मरीज की जरूरत मुताबिक दिए जा सकते हैं। हालांकि, बाद में करीब 70 लाख रुपए की यह मशीन कैंट के अस्पताल में इंस्टाल कर दी गई।

कैंट अस्पताल परिसर में कैथ लैब, डायलिसिस विंग व टर्सरी कैंसर केयर सेंटर भी बनाया गया

कैंट में 50 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से अब 200 बेड का अस्पताल बन चुका है। इसी अस्पताल के परिसर में कैथ लैब, डायलिसिस विंग व टर्सरी कैंसर केयर सेंटर भी बनाया गया है। जबकि दूसरी तरफ सिटी सिविल अस्पताल को लेकर पूर्व की हुड्डा सरकार ने 200 बेड से 300 बेड करने की घोषणा की थी। अस्पताल का दर्जा 100 बेड की मेटरनिटी विंग बनाए जाने के बाद बढ़ना था। भाजपा सरकार में मेटरनिटी विंग का काम शुरू हुआ। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक विंग के निर्माण का यह काम करीब छह माह लेट चल रहा है।

Scroll to Top