हरियाणा की मिंटी अग्रवाल ने युद्ध सेवा मेडल पाकर रच दिया इतिहास।

Haryana News: बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान, जब पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने पीओके के रास्ते से भारतीय सीमा में प्रवेश करने के लिए उड़ान भरी थी। उस वक़्त भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनन्दन वर्धमान समेत अन्य भारतीय लड़ाकू विमानों ने स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल के सूचना देने के बाद ही उड़ान भरी थी। और पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। उस समय राडार कंट्रोल स्टेशन पर तैनात स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसके चलते वायुसेना प्रमुख राकेश सिंह भदौरिया ने मिंटी अग्रवाल को वीरता पुरस्कार युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया। इतना ही नहीं अंबाला की मिंटी अग्रवाल यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय महिला बन गई है। और अब इतिहास में उनकी इस जांबाजी को हमेशा याद किया जाएगा। आइए इसी कड़ी में आपको बताते हैं मिंटी अग्रवाल के जीवन से जुड़ी अन्य बातें।

भारतीय वायुसेना की स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल को बचपन में ही एयर फोर्स की यूनिफॉर्म पसंद थी। वह जब भी भारतीय वायु सेना के जवानों को देखती थी, तो उनके मन में भी भारतीय वायुसेना के प्रति जज़्बात उमड़ पड़ते थे। हालांकि कम उम्र में ही सिर से मां का साया उठ जाने के बाद मिंटी की परवरिश का जिम्मा उनकी भाभी ने उठाया।
इतना ही नहीं मिंटी अपने चार भाई बहनों में सबसे छोटी थी। और पढ़ाई में सबसे अव्वल थी। साल 2004 में एयरफोर्स स्कूल से 12 वीं पास करने के बाद उन्होंने एसडी कॉलेज में बीएससी मेडिकल में दाखिला लिया। इसके बाद साल 2011 में एसएससी के माध्यम से मिंटी ने एयर फोर्स में कमीशन प्राप्त किया। मिंटी का पैतृक गांव दुर्गा नगर में है और इनके पति राहुल अग्रवाल अंबाला में बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर है। ऐसे में हरियाणा के लोगों को भारतीय वायुसेना की स्क्वॉड्रन लीडर और हरियाणा की बेटी मिंटी अग्रवाल की बहादुरी पर गर्व है।

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