बिना सिले खादी कपड़े (2/6)

महात्मा गांधी एक सादा जीवन जीते थे व अक्सर आपने उनकी तस्वीरों में देखा होगा कि वे खादी के बिना सिले हुए कपड़े पहनते थे। वे ऐसा समानता दर्शाने के लिए करते थे और उनका मत था कि वह अपने पूरे शरीर को तभी ढकेंगे जब इस देश के 40 करोड उनके भाई और बहनों को तन ढकने के लिए पूरा कपड़ा मिलेगा।

इसके साथ ही उनका मत यह भी था कि लोगों को अपने देश में बने कपड़े पहनने चाहिए अर्थात वे स्वदेशी अपनाने पर बहुत जोर देते थे।